अंडर 19 के कप्तान व गया का बेटा “पृथ्वी शॉ” का तुलना सचिन तेंदुलकर से

भारत ने फिर बनाया रिकॉड चौथी बार अंडर 19 क्रिकेट विश्वकप का खिताब अपने नाम किया है। इस एतिहासिक जीत पर पूरा देश जश्न मना रहा है। टीम से लेकर कोच तक को देशभर से बधाइयाँ मिल रही है।

टीम इंडिया की इस जीत में बिहार के दो लाल का अहम योगदान रहा है। समस्तीपुर के अनुकूल रॉय से तो सभी लोग परचित है लेकिन बहुत कम लोग को ही पति है कि अंडर-19 टीम के कप्तान पृथ्वी शॉ का परिवार भी बिहार के गया का ही रहने वाला है।

बहुत ही कम लोगों को यह पता है कि यह चमकता सितारा गया के मानपुर का रहने वाला है. पृथ्वी के दादाजी आज भी मानपुर के शिवचरण लेन में बालाजी कटपीस नाम की कपड़े की दुकान चलाते हैं. अपने पोते की उपलब्धि पर दादा अशोक गुप्ता फूले नहीं समा रहे हैं. उनके जानने वाले उनके घर पहुंचकर बधाई दे रहे हैं। वहीं मुहल्ले वालों ने होली व दीपावली साथ मनाई. अशोक गुप्ता ने बताया कि उनका एकमात्र बेटा पंकज गुप्ता उर्फ पंकज शा मुफलिसी से तंग आकर मुंबई नौकरी करने चला गया और वहीं रहने लगा. पंकज का भी एक ही बेटा है पृथ्वी. दो माह पूर्व जब मैं सर्जरी कराने मुंबई गया था तो पृथ्वी ने शिकायत की थी कि वह अंडर 19 टीम का कप्तान बन गया और आपने बधाई नहीं दी. मैंने कहा था कि तुम वर्ल्ड कप जीत कर आओ, पूरी दुनिया तुम्हें बधाई देगी.

पृथ्वी शॉ ने विराट कोहली को छोड़ा पीछे
भारतीय टीम के कप्तान पृथ्वी शॉ ने विराट कोहली को पीछे छोड़ दिया उन्होंने फाईनल मैच में मात्र 29 रनों की पारी खेली लेकिन जैसे ही उन्होंने 14वां रन पूरा किया एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इस 14वें रन के साथ ही पृथ्वी भारत की ओर से अंडर 19 विश्वकप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय कप्तान बन गए हैं.

अंडर 19 विश्वकप 2018 जीतने के साथ ही भारतीय कप्तान पृथ्वी शॉ के नाम एक और रिकॉर्ड जुड़ गया. अब वो वर्ल्ड कप जीतने वाले सबसे युवा कप्तान बन गए हैं. इस समय पृथ्वी शॉ की उम्र 18 साल और 86 दिन है. शॉ से पहले यह रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मिचेल मार्श के नाम था.

पृथ्वी शॉ की तुलना मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर से की जा रही है

अंडर-19 टीम के कप्तान पृथ्वी शॉ की तुलना मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर से की जा रही है. क्रिकेट की दुनिया में पृथ्वी की शुरुआत बेहद शानदार रही। 14 साल की उम्र में ही पृथ्वी ने स्कूल क्रिकेट टीम की तरफ से खेलते हुए 546 रन बनाकर क्रिकेट के दिग्गजों का ध्यान अपनी ओर खींचा था.

पृथ्वी ने सचिन की ही तरह रणजी में अपने पदार्पण मैच में ही शतक बनाया. इस शतक के साथ ही पृथ्वी ने सचिन के उस रिकॉर्ड की भी बराबरी कर ली जहां सचिन ने रणजी और दलीप ट्रॉफी के पदार्पण मैचों में शतक जड़ा था.
पृथ्वी ने अपने सभी सात प्रथम श्रेणी मैचों में 5 शतक लगाए हैं. रणजी सीजन में मुम्बई की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दूसरे खिलाड़ी रहे. पृथ्वी की इस क्षमता को देखते हुए उनकी तुलना अभी से ही महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर से की जा रही है.

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