देश के साथ-साथ विदेशों में भी पहुंच रहा है गया के प्रसिद्ध मिठाई तिलकुट की सोंध।

देश के साथ साथ अब विदेशों में भी पहुंच रही है गया के प्रसिद्ध मिठाई तिलकुट की सोन्ध।

हमसब अच्छी तरह से जानते हैं कि गया जो कि प्रसिद्ध है विश्व पर्यटन स्थल के रुप में, यहां देश और विदेशों से लोग गया घूमने आते हैं। बात हो बोधगया घूमने की या फिर विष्णुपद में पिंडदान करने की… हमारे गया जिला का पर्यटन स्थल बोधगया एवं विष्णुपद  जितना प्रसिद्ध है पूरे देश में या विदेशों में ठीक उतना ही गया जिला का तिलकुट भी पूरे देश में और विदेशों में प्रसिद्ध है।

हर वर्ष मकर संक्रांति को लेकर पूरे बाजार में जबरदस्त भीड़ दिखती है। इस अवसर पर गया का तिलकुट भंडार भी सजा हुआ दिखता है। हर एक तिलकुट के दुकान पर बेशुमार ग्राहक तिलकुट की खरीदारी करते दिखते हैं। लोग खरीदारी सिर्फ अपने लिए ही नहीं बल्कि अपने रिश्तेदारों के लिए, घर से बाहर रहकर पढ़ाई कर रहे बच्चे या नौकरी कर रहे लोगों के लिए भी करते हैं। यहां तक लोग गया के तिलकुट को विदेश में रह रहे परिवार के पास भी भेजते हैं। तिलकुट की खरीदारी करने देशभर के कोने-कोने से लोग आते हैं और अपने शहर में गया का प्रसिद्ध तिलकुट को बेचने के लिए थोक रूप में ले जाते हैं।

अंतिम दिसंबर से लेकर शुरूआती फरवरी तक जमकर तिलकुट की खरीदारी होती है। तिलकुट का मेन बाजार गया के रामन्ना रोड में लगती है, टिकारी रोड के श्रीराम तिलकुट भंडार को हम कैसे भूल सकते हैं श्रीराम तिलकुट भंडार गया भर में सबसे प्रसिद्ध तिलकुट की दुकान माना जाता है केवल गया शहर में लगभग 200 से अधिक तिलकुट की दुकानें हैं जिसमें लगभग 3000 से अधिक कारीगर काम करते हैं। तिलकुट की मांग को पूरा करने के लिए कारीगरों को लगभग डेढ़ से 2 महीना पहले से ही तिलकुट बनाने में लगना पड़ता है।

तिलकुट बनाने की विधि…

सामग्री 
(लगभग एक कप तिलकुट के लिए)

  • सफेद तिल 1 कप
  • शक्कर ½ कप
  1. एक कड़ाही को गरम करें। कड़ाही में मध्यम आँच पर सफेद तिल को 3-4 मिनट के लिए भूनें। तिल को कपड़े को कई परत में मोड़ कर इससे भूने और बहुत सावधानी रखें क्योंकि तिल भूनूंटे समय चटकता है। भूनने के बाद तिल को निकालकर अलग रखें।
  2. तिल को मूसल में कूट लें या फिर ग्राइंडर में मोटा पीस लें। ध्यान रखें कि हमें एकदम मोटा कुटा तिल चाहिए।
  3. अब इसमें शक्कर डालिए और अच्छे से मिलाइए। नोट-भारत के बाहर ज़्यादातर देशों में बहुत महीन शक्कर मिलती है, लेकिन अगर आपके पर मोटी शक्कर है तो आप तो शक्कर को दरदरा पीस कर ही डालें तिल कुटा में। आप चाहें तो तिल के साथ ही शक्कर भी दल लें और फिर इसे पीसें।
  4. स्वादिष्ट तिल कुटा अब तैयार है। आप इसे फ्रिज के बाहर 2 हफ्ते तक रख सकते हैं। यह खराब नही होता है।

कुछ नुस्खे / सुझाव :

  1. आप शक्कर के स्थान पर गुड़ का भी इस्तेमाल कर सकते हैं तिलकुट में। इसके लिए कूटे गुड़ को तिल के साथ ही पीस लें।
  2. आप चाहें ती तिलकुट में स्वादानुसार ज़रा सी इलायची भी पीस कर डाल सकते हैं।
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