बनने में लगा 10 सालो से भी ज्यादा समय 3 साल भी न टिक सका डेल्हा-करीमगंज ब्रिज

कई साल लग गए थे डेल्हा-करीमगंज ओवर ब्रिज को बनने में और 3 साल भी नही टिक सका, दरार पड़ गए पुल मेंइससे पुल गिरने का खतरा मंडराने लगा है। पुलिस प्रशासन ने एहतियातन ओवरब्रिज पर से भारी वाहनों के आवाजाही पर रोक लगा दी है। ओवरब्रिज के दोनों तरफ़ बैरियर भी लगा दिए गए हैं।

हालांकि इंजीनियर ने जानकारी दी कि दो स्पैनों के बीच में स्प्रिंग होने के कारण कंपन होना स्वाभाविक है। फिर भी एहतियात के तौर पर प्रशासन के द्वारा करीमगंज-डेल्हा रेलवे ओवरब्रिज पर टू-व्हीलर्स को छोड़कर अन्य सभी प्रकार के वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दिया गया है। वाहनों को रोकने के लिए पुल के दोनों सिरे पर फोर्स की तैनाती कर दी गई है और आने-जाने वाले वाहनों को कटारी ओवरब्रिज के रास्ते भेजा जा रहा है। हालांकि कटारी रेलवे ओवरब्रिज की हालत पहले से ही काफ़ी दयनीय है। ऐसे में यदि वाहनों के आवागमन के बढ़ते दबाव को वह पुल नहीं झेल सका तो ऐसी परिस्थिति में गया से टिकारी, गोह सहित अन्य क्षेत्रों का सम्पर्क टूट जाएगा। वहीं ओवरब्रिज के नीचे से गया-मुग़लसराय ग्रैंड कॉर्ड रेल लाइन गुज़रती है। लिहाज़ा रेलवे भी अपने यात्रियों को लेकर चिंतित है। विशेषज्ञों की टीम तकनीकी जांच के लिए मौक़े पर पहुंच कर जांच-पड़ताल कर रही है।

ग़ौरतलब है कि 2013 में इस रेलवे ओवरब्रिज के उद्घाटन के बाद गयावासियों की ख़ुशी का ठिकाना नहीं था। रेलवे ओवरब्रिज के क्षतिग्रस्त होने की घटना की सूचना मिलते ही ज़िला प्रशासन की बेचैनी बढ़ गई है। आनन-फानन में सदर एसडीओ विकास कुमार जायसवाल सहित सिविल लाईंस व डेल्हा थाना की पुलिस पुल पर पहुंचकर स्थिति का जायज़ा लिया है।

लोगों के चेहरे पर उदासी साफ दिख रही है

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