जाने क्या है विष्णुपद मंदिर का ईतिहास…

काले पत्थर का यह वर्तमान सुन्दर और चित्ताकर्षक मन्दिर प्रातः स्मरणीया इन्दैार की महारानी अहिल्या बाई का बनाया हुआ है। वर्तमान विष्णुपद मन्दिर का निर्माण काल 1780 ई0 है। मंदिर की उँचाई 100 फीट है यह मंदिर गया स्टेशन से 2 कि0 मी0 की दुरी पर है। मंदिर के अन्दर गयासुर की प्रार्थना के अनुसार भगवान विष्णु का चरण चिन्ह है। चरण चिन्ह 13 ईच का है और उँगलिया उतर की ओर है।

मंदिर का ऊपरी भाग गुम्बजाकार है जो देखने में बहुत सुन्दर मालूम होता है। मंदिर के ऊपर शिखर पर बालगोविन्द सेन नामक एक गयापाल की चढ़ाई हुई एक 1 मन सोने की ध्वजा फहराती है।

मंदिर के भीतरी भाग में चांदी से आवेष्ठित एक अष्ट–कोण कुण्ड में विष्णु का चरण चिन्ह है। मंदिर के सामने के भाग में एक सभा मण्डप है। चरण के ऊपर एक चांदी का छत्र सुषोभित है। यह छत्र बालगोविन्द सेन का दान है और विष्णुपद का चांदी का आध्र्य भी उन्हीं का दान है। मंदिर के सभा-मण्डप मे और उसके बाहर दो बड़े घंटे लटक रहे हैं।

यहां पर एक विचित्र बात का उल्लेख आवशयक प्रतीत होता है और वह यह कि सभा – मण्डप की छत से पानी की बून्द टपका करती है। जन-श्रुति के अनुसार जिस तीर्थ का नाम हृदय में रखकर आप हाथ पसारिये आपके हाथ में दो एक बून्द पानी जरूर गिरेगी। मंदिर में प्रतिदिन रात्रि में भगवद्चरण का मलयागिरी चन्दन से श्रृंगार होता है। रक्त चन्दन से चरण चिन्ह पर शंख, चक्र, गदा, पद्म आदि अंकित किए जाते हैं।

पुण्यमास में जैसे वैशाख, कार्तिक आदि में श्रृंगार पश्चात् विष्णु सहस्त्रनाम सहित विष्णु चरण पर तुलसीदल अर्पण दर्शनीय शोभा है।

सच बात तो यह है कि गया में पिण्डदान से पितरों की अक्षय तृप्ति होती है।एक कोस क्षेत्र गया-सिर माना जाता है, ढाई कोस-तक गया है और पाँच कोस तक गया-क्षेत्र है। इसीके मध्य में सब तीर्थ आ जाते है।

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4 Comments on "जाने क्या है विष्णुपद मंदिर का ईतिहास…"

  1. अनिरुद्ध सेनजी | July 1, 2017 at 2:54 pm | Reply

    एक मन नही सवा मन है,जाँच परख कर लिखा कीजिये

  2. Prahlad Kumar | July 3, 2017 at 1:56 pm | Reply

    Very informative about Vishnupad Temple at Gays

  3. gaya station se vishnupad mandir ki duri 2 km nhi h. ye karib 4 km se adhik h

  4. आयान वर्मा | October 8, 2017 at 9:07 pm | Reply

    और यहां की फाल्गु माहाआरती भी बहुत सानदार होती है।।

    ??जय श्रीराम ??

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